नशा कर देता है पूरे परिवार को बर्बाद, परिजन बच्चों को बनाए ध्येयवादी: विनीत जोशी

-फरीदकोट जिले के गांव भगतू में स्थित डेरा भाई भगतू जी साहिब में नशे पर आयोजित हुई विचार गोष्ठी

फरीदकोट/बठिंडा, ड्रग्स एवं नशा भयंकर बीमारी एवं बुराई है यह एक ऐसा दलदल है जिससे परिवार, समाज, देश सब कुछ बर्बाद हो जाता है और इससे बचने के लिए परिवार ध्यान दे और बच्चों को ध्येयवादी बनाएं । ड्रग्स की बुराई का समाधान चाहने वालों को एक मंच पर आना होगा। ” आज चिंता इसलिए है कि किसी मां का लाल, किसी परिवार का बेटा या बेटी ऐसे दलदल (नशे) में फंस जाते हैं तो सिर्फ वह व्यक्ति ही नहीं, बल्कि वो पूरा परिवार तबाह हो जाता है। समाज, देश सब कुछ बर्बाद हो जाता है। ड्रग्स, नशा ऐसी भयंकर बीमारी है, जो अच्छे अच्छों को हिला देती है।    यह बात फरीदकोट जिले के गांव भ   गतू में स्थित डेरा भाई भगतू जी साहिब में आयोजित विचार गोष्ठी में पंजाब सरकार के सहायक मीडिया सलाहकार व जोशी फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत जोशी ने कही।
उन्होंने नशे को मनोवैज्ञानिक-सामाजिक-चिकित्सा समस्या करार देते हुए कहा कि जब कोई बालक इस बुराई में फंसता है, तो कभी कभी हम उस बालक को दोषी मानते हैं। हकीकत यह है कि नशा (अपने आप में) बुरा है। नशे की लत बुरी है। हम आदत को बुरा माने और उससे दूर रखने का रास्ता खोजें। बालक को दुत्कार देंगे तो वो नशा करने लग जायेगा। मोदी ने कहा कि हमें नशे की आदत का मनोवैज्ञानिक-सामाजिक-चिकित्सा समस्या के रूप में उपचार करना पड़ेगा। कुछ समस्याओं का समाधान मेडिकल से परे हैं। व्यक्ति को खुद, उसके परिवार, यार दोस्तों, समाज, सरकार और कानून सबको मिलकर इस दिशा में काम करना पड़ेगा। टुकड़ों में करने से समस्या का समाधान नहीं होना है। पंजाब में नशे का आंतकवाद है। आलम यह है कि बाहरी राज्यों के लोग अब यहां पर अपने बच्चों को पढ़ाई करने के लिए भेजने से कतराते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं उनका बच्चा नशे की गिरफत में न आ जाए। जोशी ने कहा कि हालांकि पंजाब में नशे का कोई सही आकड़े सामने तो नहीं आ रहे है, लेकिन हालात बताते हैं कि नशे का मसला गंभीर है। नशा तो पड़ोसी राज्यों में हरियाणा, के लिए जोशी फाउंडेशन ने क्विट एंड किक ड्रग मूवमेंट का आगाज कर रखा है। इस कड़ी में जन जागरण के लिए राउंड टेबल कांफ्रेंस, नशा विरोधी शपथ ग्रहण, कार्यक्रम, ऐंटी ड्रग मार्च, सेमीनार का आयोजन पूरे पंजाब भर में किया जा रहा है। 11 अप्रैल को नशे की समस्या समाज के लिए एक चुनौती, आओ मिलकर हल निकालें विषय पर संत समाज की एक राउंड टेबल कांफ्रेंस साकेत आश्रम नंगल शहीदां होशियारपुर में की गई वही इससे पहले चंडीगढ़ में 2 राउंड टेबल कांफ्रेंस, पठानकोट में 5 हजार युवाओं ने शपथ ग्रहण समारोह, नवांशहर में राउंड टेबल कांफ्रेंस व 7 अप्रैल को जलियांवाला बाग में नशा विरोधी मार्च जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके है।
वही खेती विरासत मिशन जैतों के डायरेक्टर उमेंद्रदत्त शर्मा ने बताया कि नशा पंजाब की नौजवान पीढ़ी को खोखला कर रहा है। हमारा समाज इसे बहुत तेजी से जड़ से उखाड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समाज को यह समझने की जरुरत है कि केवल सरकारी नीतियों ने बनने से यह ा रहे प्रयासों के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर डा. राजदीप मान, डा. राकेश कुमार, कौर सिंह, गुरप्रीत सिंह, कवलजीत सिंह, पिंकी कुमार, डा. सुरेश कुमार, संदीप शर्मा टोनी, राम रत्न जिंदल सहित इलाके की प्रमुख सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। गौर हो कि जोशी फाउंडेशन की स्थापना प्रमुख समाजसेवी व चंडीगढ़ के पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वर्गीय जय राम जोशी व उनके पुत्र स्वर्गीय नवजीत जोशी की याद में की गई थी।
इसके इलावा बठिंडा के गुरु नानक देव थर्मल प्लांट फिल्ड होस्टल में भी शहर के प्रमुख संगठनों की विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बठिंडा में सभी शैक्षिक संस्थाओं व धार्मिक, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों की एक राऊंड़ टेबल कांफ्रेस जल्द आयोजित करने का फैसला लिया गया।

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